प्रभात न्यूज़ 24:
ग्राम पंचायत मोहतरा में विवाद गहराया: सड़क निर्माण पर सवाल, पंचायत की राशि के आहरण को लेकर पंचों ने उठाई आवाज
एक ओर सड़क निर्माण की गुणवत्ता और जिम्मेदारी को लेकर अलग-अलग दावे, दूसरी ओर पंचायत की राशि के खर्च पर पारदर्शिता का सवाल; ग्रामीणों और पंचों की शिकायतों के बाद जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
बलौदाबाजार।
जिले की ग्राम पंचायत मोहतरा इन दिनों दो अलग-अलग शिकायतों को लेकर चर्चा में है। एक तरफ गांव में निर्मित सड़क को लेकर ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर के समक्ष शिकायत दर्ज कराते हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता और जिम्मेदारी पर सवाल उठाए हैं, तो दूसरी तरफ ग्राम पंचायत के ही पंचों ने पंचायत की राशि के आहरण और उसके उपयोग को लेकर गंभीर आपत्तियां जताते हुए जिला कलेक्टर को शिकायत पत्र सौंपा है। एक ही ग्राम पंचायत में सामने आए इन दो मामलों ने पंचायत के कामकाज, निर्माण कार्यों की जवाबदेही और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई, जब सड़क निर्माण को लेकर सरपंच और संबंधित बताए जा रहे व्यक्ति के बयानों में जिम्मेदारी को लेकर अंतर सामने आया। वहीं, पंचायत की राशि के संबंध में पंचों का कहना है कि उन्हें कई भुगतानों और राशि निकाले जाने की पूरी जानकारी नहीं है। हालांकि, इन शिकायतों में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच और संबंधित अभिलेखों के परीक्षण के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सड़क निर्माण पर सवाल, आखिर जिम्मेदारी किसकी?
ग्राम पंचायत मोहतरा में सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों की शिकायत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि निर्माण कार्य किसकी देखरेख में हुआ, उसकी गुणवत्ता की जांच किसने की और यदि कार्य में कोई तकनीकी या वित्तीय अनियमितता पाई जाती है, तो उसकी जवाबदेही किसकी होगी?
इस संबंध में प्रभात न्यूज़ द्वारा गांव के सरपंच से बातचीत की गई। बातचीत के दौरान सरपंच ने सड़क निर्माण को ठेकेदार द्वारा कराया गया कार्य बताते हुए कहा कि इसके संबंध में संबंधित ठेकेदार ही जानकारी दे सकता है।
दूसरी ओर, जिस व्यक्ति को सड़क निर्माण से जुड़ा ठेकेदार बताया जा रहा है, उसने स्वयं को ठेकेदार मानने से इनकार करते हुए कहा कि उसने केवल मजदूर भेजे थे और निर्माण कार्य की जिम्मेदारी सरपंच की है।
दोनों पक्षों के इन बयानों के बाद निर्माण कार्य की वास्तविक व्यवस्था और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट होना जरूरी हो गया है। यदि निर्माण कार्य किसी ठेकेदार के माध्यम से कराया गया था, तो उसका अनुबंध, कार्यादेश, भुगतान संबंधी दस्तावेज और तकनीकी स्वीकृति सामने आनी चाहिए। वहीं, यदि पंचायत के माध्यम से कार्य कराया गया था, तो संबंधित प्रस्ताव, निर्माण की स्वीकृति, माप पुस्तिका और भुगतान के अभिलेखों की जांच भी महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल, केवल बयानों के आधार पर किसी एक पक्ष को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। मामले में दस्तावेजी जांच और संबंधित अधिकारियों की तकनीकी रिपोर्ट से ही स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
पंचायत की राशि के आहरण पर पंचों ने उठाए सवाल
सड़क निर्माण की शिकायत के बीच ग्राम पंचायत मोहतरा में वित्तीय अनियमितता की आशंका से जुड़ा दूसरा मामला भी सामने आया है। ग्राम पंचायत के पंचों ने जिला कलेक्टर को शिकायत पत्र सौंपकर पंचायत की राशि के आहरण और उसके उपयोग के संबंध में जानकारी तथा जांच की मांग की है।
पंचों का कहना है कि ग्राम पंचायत के खाते से अलग-अलग समय पर राशि निकाले जाने की जानकारी उन्हें पूरी तरह उपलब्ध नहीं है। उनके अनुसार, कुछ मामलों में संबंधित राशि के आहरण के संबंध में पंचायत के समक्ष स्पष्ट जानकारी नहीं रखी गई और कुछ भुगतानों से जुड़े प्रस्तावों को लेकर भी सवाल हैं।
यदि शिकायत में उठाए गए बिंदु अभिलेखों की जांच में सही पाए जाते हैं, तो यह पंचायत के वित्तीय प्रबंधन और निर्णय प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर विषय हो सकता है। पंचायत की राशि सार्वजनिक धन है और उसके प्रत्येक खर्च का हिसाब नियमानुसार उपलब्ध होना चाहिए।
हालांकि, राशि निकाले जाने की जानकारी पंचों को नहीं होने मात्र से किसी वित्तीय गड़बड़ी की पुष्टि नहीं होती। यह जानना आवश्यक है कि राशि किस मद से निकाली गई, किस कार्य के लिए स्वीकृत हुई, भुगतान किसे किया गया और संबंधित कार्य वास्तव में कराया गया या नहीं। इन सभी प्रश्नों का उत्तर पंचायत के बैंक विवरण, प्रस्ताव पंजी, बिल-वाउचर, माप पुस्तिका और अन्य आधिकारिक अभिलेखों से ही मिल सकता है।
क्या पंचायत के प्रस्ताव और भुगतान के दस्तावेजों की होगी जांच?
ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों से संबंधित निर्णय, स्वीकृतियां और भुगतान निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुरूप होने चाहिए। ऐसे में मोहतरा पंचायत से जुड़े मामले में यह जांच महत्वपूर्ण होगी कि संबंधित कार्यों के लिए पंचायत में विधिवत प्रस्ताव पारित किए गए थे या नहीं, राशि किस मद से स्वीकृत हुई और भुगतान से पहले आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गई थीं या नहीं।
जांच के दौरान निम्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए—
ग्राम पंचायत मोहतरा के संबंधित वित्तीय वर्षों में किए गए भुगतानों का विवरण।
राशि आहरण से संबंधित पंचायत प्रस्तावों और स्वीकृतियों की उपलब्धता।
निर्माण कार्यों के कार्यादेश, तकनीकी स्वीकृति और प्रशासनिक स्वीकृति की स्थिति।
संबंधित कार्यों की माप पुस्तिका, बिल-वाउचर और भुगतान रजिस्टर का मिलान।
सामग्री की खरीदी, आपूर्तिकर्ताओं और मजदूरी भुगतान से जुड़े दस्तावेज।
भुगतान के अनुरूप कार्यस्थल पर वास्तविक निर्माण और उसकी गुणवत्ता का सत्यापन।
पंचायत के बैंक खाते से निकाली गई राशि और अभिलेखों में दर्ज व्यय का मिलान।
इन दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि पंचायत की राशि का उपयोग स्वीकृत कार्यों में हुआ है या नहीं तथा कहीं प्रक्रिया संबंधी त्रुटि अथवा वित्तीय अनियमितता तो नहीं हुई है।
ग्रामीणों के सवालों का जवाब जांच से ही मिलेगा
गांव में सड़क निर्माण और पंचायत की राशि को लेकर सामने आई शिकायतों के बाद स्थानीय स्तर पर जवाबदेही की मांग महत्वपूर्ण हो गई है। ग्रामीणों को यह जानने का अधिकार है कि उनके गांव में विकास कार्य किस योजना के तहत कराया गया, उस पर कितनी राशि खर्च हुई और निर्माण की गुणवत्ता की निगरानी किस अधिकारी या एजेंसी ने की।
इसी प्रकार, पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधियों को भी पंचायत के वित्तीय कामकाज से संबंधित नियमानुसार जानकारी और अभिलेखों तक पहुंच मिलनी चाहिए। यदि किसी भुगतान या प्रस्ताव को लेकर भ्रम है, तो उसे दस्तावेजों के आधार पर स्पष्ट किया जाना चाहिए, ताकि अनावश्यक विवाद की स्थिति न बने।
पंचायत स्तर पर पारदर्शिता केवल आरोपों का जवाब देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। आवश्यक अभिलेखों का संधारण, खर्च का स्पष्ट विवरण और निर्माण कार्यों का सत्यापन ग्रामीणों का भरोसा कायम रखने के लिए भी जरूरी है।
प्रशासन की भूमिका पर टिकी निगाहें
ग्राम पंचायत मोहतरा में सामने आए दोनों मामलों को देखते हुए अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। शिकायतों में उठाए गए बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कराना और संबंधित पक्षों से दस्तावेजों के आधार पर जवाब लेना आवश्यक होगा।
प्रशासन चाहे तो सड़क निर्माण की तकनीकी जांच के साथ पंचायत के वित्तीय अभिलेखों का परीक्षण भी करा सकता है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता, जिम्मेदारी और राशि के उपयोग से जुड़े तथ्यों को अलग-अलग स्पष्ट करने में मदद मिलेगी।
यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, यदि आरोपों की पुष्टि नहीं होती है, तो जांच के निष्कर्षों को स्पष्ट करके स्थिति सार्वजनिक करना भी जरूरी होगा।
फिलहाल आधिकारिक पक्ष का इंतजार
इस समाचार को तैयार किए जाने तक इन शिकायतों पर जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान या जांच के निष्कर्ष उपलब्ध नहीं हुए हैं। सरपंच और सड़क निर्माण से जुड़े बताए जा रहे व्यक्ति के बयान सामने आए हैं, जबकि पंचायत की राशि को लेकर पंचों ने अपनी आपत्तियां व्यक्त की हैं।
मामले में संबंधित विभाग और जिला प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। सभी संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।
प्रभात न्यूज़ 24 की नजर बनी रहेगी
ग्राम पंचायत मोहतरा में सड़क निर्माण और पंचायत की राशि के उपयोग को लेकर उठे सवाल अब जांच और जवाबदेही से जुड़े विषय बन गए हैं। ग्रामीणों की शिकायत हो या पंचों की आपत्ति, दोनों ही मामलों में तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सड़क निर्माण की गुणवत्ता और पंचायत के वित्तीय अभिलेखों की जांच कराएगा? क्या संबंधित दस्तावेजों से जिम्मेदारी और राशि के उपयोग की वास्तविक स्थिति सामने आएगी?
प्रभात न्यूज़ 24 इस मामले से जुड़े तथ्यों, आधिकारिक प्रतिक्रियाओं और जांच की प्रगति पर नजर बनाए रखेगा। जैसे ही कोई प्रमाणित नई जानकारी या आधिकारिक बयान प्राप्त होगा, उसे समाचार के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाया जाएगा।
नोट: यह समाचार प्राप्त शिकायतों, संबंधित पक्षों से हुई बातचीत और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। इसमें किसी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं किया गया है। लगाए गए आरोपों की पुष्टि संबंधित अभिलेखों एवं निष्पक्ष जांच के बाद ही की जा सकती है। संबंधित पक्षों का आधिकारिक जवाब प्राप्त होने पर उसे भी उचित स्थान दिया जाएगा।
प्रभात न्यूज़ 24 — जनहित, पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़े मुद्दों पर निष्पक्ष नजर।


















